राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा: अयोध्या से काशी तक

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उपशीर्षक 1: राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव

राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा की तारीख करीब आ रही है। राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठान के इस उत्सव को हर कोई अपने तरह से मना रहा है। अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठान पूजा शुरू हो गई है। इसका असर अब काशी में देखने को मिल रहा है। हर। हर महादेव से मेहमानों का स्वागत करने वाली काशी में अब जय श्री राम के जयकारों से मेहमान का स्वागत होगा।

उपशीर्षक 2: श्रीराम कॉलोनी का आगमन

इसके लिए श्रीराम कॉलोनी बनाई गई है। शहर के सिगरा क्षेत्र का गोविंदपुरा इलाका अब श्रीराम कॉलोनी से जाना जाएगा। और यहाँ आने वाले मेहमानों का स्वागत भी प्रभु राम के इसी नाम से होगा। पूरे कॉलोनी के लोगों ने इसका संकल्प लिया है। और इसके तरह अपने घरों के बाहर जय श्री राम का वोट भी लगा रहे हैं।

उपशीर्षक 3: श्री राम पटिका के प्रचारकों का कार्य

बाकायदा संगमरमर के पत्थर के इस नेम प्लेट को लोग घर के बाहर लगा रहे हैं। कालोनी के पिचासी घरों के बाहर यह बोर्ड लगाया जा चुका है। और बाकी बचे घरों में भी। 22 जनवरी से पहले इस बोर्ड को लगाया जाएगा। स्थानीय उदय प्रताप शुक्ला ने बताया कि कॉलोनी में करीब सौ घर है, जहां जय श्री राम का स्थाई बोर्ड लगाया जा रहा है।

उपशीर्षक 4: लोगों का सहयोग और प्रेरणा

सबसे बड़ी बात यह है कि बिना किसी दबाव के लोग अपने घर के बाहर यह बोर्ड लगवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अब वो अपने यहां आने वाले सभी मेहमानों का स्वागत जय श्री राम के नाम से ही करेंगे। ये भाव राम मंदिर के प्रकरण जब से चला है, तब से।

Ayodhya Ram Mandir
Ayodhya Ram Mandir

उपशीर्षक 5: राम नाम की प्रचारित करामातें

लेकिन यह निश्चय नहीं था कि हमें कुछ करना है, हमें कुछ मदद करना है, ऐसा कुछ हमारे दिमाग में नहीं था। लेकिन इधर बीचलगभग 1 सप्ताह से मुझे आंतरिक प्रेरणा से यह महसूस होने लगा कि नहीं, हमें भी राम के नाम पर कुछ करना चाहिए। तो मैं ये तो चाहता हूं कि काशी के घर घर में हर घर पर 1 जय श्री राम का पत्थर लग जाए।

उपशीर्षक 6: काशी में राम मंदिर के महत्व

क्योंकि भगवान राम जो है, वो शिव की आराधना करते हैं। यह शिव की नगरी है, काशी। तो यहाँ तो राम मय हो ही जाना चाहिए। ये भाव मेरे अंदर आया। मैं इस पर लगा। और भगवान की कृपा से सफलता बहुत अच्छी मिल रही है। मुझे कितने घरों में अब तक लगा चुके हैं, ये सिला? क्या? इसका? कोई? किसी ने? विरोध भी किया? नहीं? विरोध? किसी ने नहीं किया? कितने घर में लगाया जा चुका है? अब तक? लगा लगा चुके हैं? करीब? 50ी घरों में।

उपशीर्षक 7: समुदाय के सहयोग से आगे बढ़ते हुए

हम लगा चुके हैं, तो क्या? जन? सहयोग? इसमें आपको मिल रहा है? जन? सहयोग? पूरा मिल रहा है? मुंशी जी यह बताइए? कि जो राम नाम की लोग लगवा रहे हैं, क्या? देश से? इसके पीछे? इसके पीछे? यही उद्देश्य है? हमारे गुरुजी? शुक्ला जी जो है? अपना लगवा रहे हैं। poattorney.com

उपशीर्षक 8: लक्ष्य की ओर आगे बढ़ते हुए

इनके मन में है कि हम हर घरों में श्री राम की पटिका लगवाए। इनके साथ हम लोग भी सहयोग कर रहे हैं। अभी तक 50ी घरों में लगवाए हैं। उम्मीद है कि कम से कम 500 सौ घरो में हम लगवाए। और पूरी कालोनी इनके साथ में है। हम लोग सहयोग कर रहे है? इनका तो अभी तक तो नहीं लगाया? क्या? राम मंदिर के लोग? अरे? नही? 22, 22 से पहले हम लोग लगवा? देंगे? नहीं?

उपशीर्षक 9: आगामी लोकार्प की तैयारी

यह बताइए? कब? ये लोकार्प के लिए ही देखते हुए? इसका ये लगवाया जा रहा? हर जगह पर मंदिर की जो प्राण प्रतिष्ठा जी जी जी उसी को ध्यान में रख के है। उसी को ध्यान में रखते हुए हमारे गुरुजी शुक्ला जी के ध्यान में आया स्वप्न में आया की कुछ काम करो। भगवान राम के प्रति। उनके अंदर उलास पैदा हुआ है। अपना पत्थर का डर देकर के अपना शुरू कर दिए। और इनके पीछे। हम लोग भी लग गए। कि नहीं? ठीक है? हमारे गुरुदेव कर रहे हैं? हम लोग भी करें।

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